वॉशिंगटन। जेफरी एपस्टीन जांच से जुड़ी नई फाइलों के खुलेते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम फिर सुर्खियों में आ गया है। अक्टूबर 2020 की एक एफबीआई रिपोर्ट में एक लिमोजीन ड्राइवर के बयान ने सनसनी फैला दी है, जिसमें 1995 की एक फोन कॉल का हवाला दिया गया है। इस कॉल में ट्रंप कथित तौर पर ‘जेफरी’ का नाम लेते हुए किसी लड़की के दुरुपयोग की बात कर रहे थे।
ड्राइवर का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, डलास-फोर्ट वर्थ एयरपोर्ट जाते वक्त लिमोजीन ड्राइवर ने ट्रंप को फोन पर सुना। ड्राइवर ने एफबीआई को बताया कि ट्रंप बार-बार ‘जेफरी’ कह रहे थे और ‘किसी लड़की के दुरुपयोग’ का जिक्र कर रहे थे। इतना सुनते ही ड्राइवर का खून खौल उठा – वो कार बीच सड़क पर रोककर ट्रंप से भिड़ने को कुछ ही पल दूर था। बयान में ड्राइवर की पहचान और कई अहम हिस्से छिपाए गए हैं।
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DOJ की चेतावनी: ये दावे ‘झूठे और सनसनीखेज’, 2020 चुनाव से ठीक पहले आए
अमेरिकी न्याय विभाग ने इन फाइलों को रिलीज करते हुए साफ लिखा है कि ये ट्रंप पर ‘असत्य और सनसनी फैलाने वाले’ आरोप हैं, जो 2020 राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले एफबीआई को भेजे गए थे। विभाग का कहना है कि ये टिप्स बिना सत्यापन के दर्ज किए गए। ट्रंप प्रशासन ने भी इन दावों को खारिज किया है।
एपस्टीन कनेक्शन की पुरानी परतें: 8 उड़ानें, लेकिन कोई अपराध का सबूत नहीं
फाइलों में ये भी सामने आया कि 1993-96 के बीच ट्रंप एपस्टीन के प्राइवेट जेट पर कम से कम 8 बार उड़े, कभी अकेले कभी परिवार संग। एक ईमेल में घिस्लेन मैक्सवेल का जिक्र है। हालांकि, उड़ान का मतलब अपराध नहीं। ट्रंप ने एपस्टीन से 2004 में नाता तोड़ लिया था और मार-ए-लागो क्लब से बैन कर दिया।
लड़की का दावा और रहस्यमयी मौत: ट्रंप-एपस्टीन पर बलात्कार का आरोप
ड्राइवर के बेटे से जुड़ी एक महिला ने कथित तौर पर कहा, ‘ट्रंप ने जेफरी संग मिलकर मेरा बलात्कार किया।’ ये महिला बाद में ओक्लाहोमा में मृत मिली – सिर पर गोली, पुलिस ने सुसाइड कहा लेकिन शक जताया। ये ब्योरा फाइल में दर्ज हैं, लेकिन बिना पुष्टि।
एपस्टीन फाइल्स का सिलसिला: 30,000 पेजों में और क्या छिपा?
नई रिलीज में 30,000 से ज्यादा पेज हैं – उड़ान लॉग्स, शिकायतें, ईमेल। एक जेन डो ने 1994 में एपस्टीन द्वारा ट्रंप से मिलवाने का जिक्र किया। ट्रंप की सफाई पुरानी है – एपस्टीन से दोस्ती रही, लेकिन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं। विपक्ष ने पूर्ण पारदर्शिता की मांग तेज कर दी।
राजनीतिक तूफान: ट्रंप समर्थक vs आलोचक, बहस गरमाई
रिपब्लिकन्स ने इसे ‘चुनावी साजिश’ बताया, जबकि डेमोक्रेट्स ने गहन जांच की बात की। सोशल मीडिया पर #EpsteinFiles ट्रेंड कर रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं, बिना ठोस सबूत के ये सिर्फ शोर। ट्रंप के वकील ने कहा, ‘पुरानी अफवाहें दोहराई जा रही हैं।’
न्याय की राह: क्या होगा अगला कदम?
एफबीआई ने इन टिप्स की जांच की, लेकिन कोई चार्जशीट नहीं बनी। मैक्सवेल 20 साल की सजा काट रही है। फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत आईं, लेकिन कई हिस्से अभी बंद। कानूनी जानकार मानते हैं, बिना कोर्ट साबित के ये दावे हवा में उड़ जाएंगे।



