केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि लद्दाख में हालिया हिंसा के लिए सोनम वांगचुक के उकसाने वाले बयान जिम्मेदार हैं। यह बयान युवाओं को भड़काने वाले माने जा रहे हैं, जिसके कारण क्षेत्र में तनाव और हिंसा भड़क उठी। इसके अलावा सोनम वांगचुक की इस साल 6 फरवरी को पाकिस्तान की यात्रा को लेकर भी सरकार ने सवाल उठाए हैं।
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लद्दाख हिंसा के पीछे सोनम वांगचुक के बयानों का असर
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि सोनम वांगचुक के ‘प्रोवोकेटिव’ बयानों ने लद्दाख के युवाओं में आक्रोश फैला दिया। उन्होंने 10 सितंबर से भूख हड़ताल शुरू की थी और राज्यhood और छठे अनुसूची में लद्दाख के शामिल होने की मांग की। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वांगचुक ने कई नेताओं के शांति अपील के बावजूद अपनी हड़ताल जारी रखी और युवाओं को उकसाने वाले शब्दों का उपयोग किया, जिसमें अरब स्प्रिंग और नेपाल में जनरेशन जेड के आंदोलनों का संदर्भ शामिल था। इनके कारण एक भीड़ ने暴力 की कार्रवाई की जिसमें कई सरकारी कार्यालयों को आग लगाई गई.
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सोनम वांगचुक की पाकिस्तान यात्रा पर सवाल
साल 2025 के फरवरी महीने में, सोनम वांगचुक ने पाकिस्तान में ‘Breathe Pakistan’ नामक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भाग लिया था। वहां उन्होंने जलवायु जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण पर अपनी बातें रखीं। केंद्र सरकार ने इस यात्रा पर चिंता जताई है और कहा है कि पाकिस्तान की इस यात्रा को लेकर भी कई सवाल हैं, क्योंकि इस तरह की यात्राओं से भारत की सुरक्षा और हितों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बारे में उन्होंने मीडिया और जनता को भी गुमराह करने की कोशिश की.
