दिल्ली। नए साल की धूम में अपराध का साया न पड़े, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार रातभर ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ चला दिया। साउथ-ईस्ट जिले में 600 से ज्यादा जवान सड़कों पर उतरे, नतीजा 966 लोग पकड़े गए। 24 देसी पिस्तौलें, 44 चाकू, 6 किलो गांजा, 22 हजार से ज्यादा अवैध शराब की चौटंकी और चोरी के सैकड़ों फोन-वाहन बरामद। जुआड़ियों से 2.5 लाख कैश भी छिन गया। यह कार्रवाई न सिर्फ अपराधियों में खौफ पैदा कर रही, बल्कि राजधानी को सुरक्षित बनाने की पुलिस की नीयत को साफ दिखा रही।
रातभर चली छापेमारी का धमाल
शाम ढलते ही 40 टीमों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। संगठित अपराध, जुआ, शराब माफिया और चोरों पर निशाना। 285 लोग आर्म्स, एक्साइज, एनडीपीएस और जुआ कानूनों के तहत गिरफ्तार। 504 रोकथाम के नाम पर धराए, 116 कुख्यात बदमाश सीधे निशाने पर। जॉइंट सीपी संजय कुमार जैन के नेतृत्व में चली यह मुहिम नए साल और गणतंत्र दिवस से पहले अपराध पर लगाम कसने का संदेश दे रही। इलाकों में बदमाशों का राज खत्म।
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जब्त माल की लंबी फेहरिस्त
पकड़े गए अपराधियों के पास जो बरामद हुआ, वो देखकर पुलिस वाले भी दंग। 21 कट्टे, 30 जिंदा कारतूस, 27 चाकू। 12,258 चौटें अवैध शराब, 6 किलो गांजा। जुआ ठिकानों से 2.36 लाख रुपये नकद। 310 चोरी के मोबाइल, 231 दोपहिया और एक चारपहिया वाहन। 10 प्रॉपर्टी चोर और 5 ऑटो-लिफ्टर भी जाल में फंसे। यह माल करोड़ों का—अपराधी नेटवर्क की कमर टूट गई।
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पुलिस की रणनीति क्यों कामयाब?
पिछले दो चरणों में भी सैकड़ों पकड़े गए थे। सितंबर में पहला ‘आघात’, अक्टूबर में दूसरा। अब तीसरा—फोकस आदतन अपराधियों पर। डीसीपी ने कहा, उत्सवों में कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। हिस्टोरिकल डेटा से हॉटस्पॉट चुने, सूचीबद्ध बदमाशों पर नजर। नतीजा, रातोंरात हड़कंप। शहरवासी राहत की सांस ले रहे, लेकिन पुलिस अलर्ट मोड पर।
अपराध पर लगाम लगाने का संदेश
यह ऑपरेशन दिल्ली के लिए मिसाल। नए साल में युवाओं को ड्रग्स-हथियारों से दूर रखना जरूरी। पुलिस का यह सख्त रुख अपराधियों को सोचने पर मजबूर करेगा। लेकिन सवाल वही क्या यह सिलसिला साल भर चलेगा? शहरवासी चाहते हैं, अपराध मुक्त दिल्ली।



