Chandra grahan and Surya grahan in 2026 – साल 2026 की शुरुआत सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की अद्भुत घटनाओं से होगी, जो खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण और दर्शनीय हैं। ये ग्रहण न केवल खगोल विज्ञान के प्रेमियों के लिए उत्सुकता का विषय होंगे, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में भी इनका विशिष्ट स्थान रहेगा। आइए, जानते हैं दिसंबर 2025 से शुरू होने वाले इन ग्रहणों की सारी तिथियां और विशिष्टताएँ।http://ED ने अनिल अंबानी के 3084 करोड़ की संपत्तियाँ फ्रीज कर दीं, उसमें बंगला और जमीन भी शामिल.
साल 2026 में कौन-कौन से ग्रहण होंगे और कब?
साल 2026 में कुल दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण लगेंगे। यह ग्रहण न केवल समय के एक नए चक्र का संकेत हैं, बल्कि ये ग्रहण अपने अपने समय और प्रभाव के कारण भी विशेष हैं। इन ग्रहणों का अनुभव भारत समेत दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग समय पर होगा। सबसे खास बात है कि इनमें से एक सूर्य ग्रहण पूरी तरह से देखा जाएगा, जबकि दूसरा आंशिक (रिंग सूर्य ग्रहण) के रूप में होगा। वहीं, चंद्र ग्रहण भी आधे या पूर्ण रूप से दिखाई देंगे।
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फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा। यह ग्रहण गोलाई के कारण “आंकड़ा ग्रहण” के नाम से जाना जाएगा, यानी यह चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पाएगा। यह ग्रहण भौगोलिक दृष्टि से खासतौर पर अफ्रीका, दक्षिणी अमेरिका, और ऑस्ट्रेलिया में देखा जाएगा, लेकिन भारत में यह नजर नहीं आएगा। यह घटना सूर्य और पृथ्वी के बीच खगोलिय संबंध का प्रतीक होगी, और इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा।
अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण
साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जो खासतौर पर उत्तरी अमेरिका और यूरोप में देखा जाएगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां का धार्मिक और धार्मिक मान्यताओं से इसका संबंध नहीं रहेगा। यह घटना अपनी चमक और आदर्श स्थिति के कारण अत्यंत दर्शनीय होगी। अधिकतर लोग इस ग्रहण का दीदार अपनी खिड़कियों के माध्यम से ही कर पाएंगे।



