National News

20 रुपये की सिगरेट ने बर्बाद कर दी पूरी जिंदगी पति ने गला दबाया, फिर किया कुछ ऐसा 

दिल्ली। विवेक विहार के कस्तूरबा नगर की तंग गलियों में 25 दिसंबर दोपहर का वह सन्नाटा आज भी इलाके वालों के कानों में गूंज रहा है। कुलवंत सिंह नाम का ऑटो चालक महज 20 रुपये की सिगरेट मांगने पर अपनी पत्नी महेंद्र कौर के साथ भिड़ गया। नशे की लालच में उसने चुनरी से गला दबाकर हत्या कर दी और कुछ ही घंटों बाद पास के रेलवे ट्रैक पर बैठकर आती ट्रेन के नीचे आ गया। यह घटना न सिर्फ एक परिवार को चूर कर गई, बल्कि नशे और घरेलू कलह की उस काली सच्चाई को फिर से सामने लाई जो रोजमर्रा जिंदगी में छिपी रहती है।

छोटी सी मांग बनी खूनी खेल

दोपहर करीब दो बजे कुलवंत ने पत्नी से सिगरेट के 20 रुपये मांगे। पहले तो महेंद्र ने मना किया, लेकिन झगड़े के बाद पैसे दे भी दिए। फिर उसने बड़े बेटे शिवचरण को सिगरेट लाने भेजा और घर के अंदर ही खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। बेटा लौटा तो दरवाजा बंद, मां छत पर मृत पड़ीं गले पर चुनरी के गहरे निशान। कुलवंत फरार, लेकिन ज्यादा दूर न जा सका। पड़ोसी पुलिस को सूचना देकर भागे, विवेक विहार थाने की टीम पहुंची तो शव जीटीबी अस्पताल।

बेस्ट प्रोसेसर और 7000mAh की बैटरी के साथ 10 हजार रूपए में शानदार गेमिंग टैबलेट.

बेटे की आंखों में डर का साया

परिवार के दो बेटे और एक बेटी बड़ी बेटी की शादी हाल ही 4 दिसंबर को हुई थी। शिवचरण टेंट हाउस में मजूरी करता है। उसने बताया, पिता नशे के आदी थे। दवा लाने भेजकर अंदर घुसने न दिया, धक्का मार भागे। कुछ देर बाद मां का शव देखा तो दुनिया उजड़ गई। पुलिस ने बेटे-पड़ोसियों से पूछताछ की, एफएसएल टीम ने सीन जांचा। पोस्टमॉर्टम में हत्या साफ, कुलवंत का शव भी ट्रेन की चपेट में कुचला मिला।

Realme Phone for Camera & battery- मिड‑रेंज सेगमेंट में धमाकेदार परफॉर्मेंस के साथ Realme फ़ोन

नशे की लत ने ली दो जिंदगियां

पुलिस का कहना है, कुलवंत की लत पुरानी थी। रोज सिगरेट-शराब के चक्कर में घर में झगड़े। डीसीपी प्रशांत गौतम ने पुष्टि की घरेलू विवाद से शुरू होकर हत्या, फिर सुसाइड। एफआईआर दर्ज, आरोपी मृत होने से एबेटेड चार्जशीट बनेगी। मोबाइल लोकेशन और परिवार से और पूछताछ जारी। इलाके वाले स्तब्ध 20 रुपये जैसी मामूली बात ने दो जिंदगियां खत्म कर दीं।

समाज के लिए चेतावनी

यह वाकया दिल्ली के झुग्गी इलाकों में फैले नशे के जाल को बेनकाब करता है। गरीबी, बेरोजगारी के बीच लत कैसे परिवार तार-तार कर देती है। एनजीओ और पुलिस अब जागरूकता अभियान चला रहे, लेकिन ऐसे हादसे रुकने का नाम न ले रहे। कुलवंत-महेंद्र की कहानी हर उस घर की याद दिलाती है जहां छोटे विवाद बड़े होते चले जाते हैं।

Tiwari Shivam

शिवम तिवारी को ब्लॉगिंग का चार वर्ष का अनुभव है कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में उन्होंने एक व्यापक समझ विकसित की है वे बहुराष्ट्रीय कम्पनियों व दुनिया के नामी स्टार्टप्स के लिये भी काम करते हैं वह गैजेट्स ,ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, स्पेस रिसर्च ,इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ,कॉर्पोरेट सेक्टर तथा अन्य विषयों के लेखन में व्यापक योग्यता और अनुभव रखते हैं|

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Index