अशोकनगर जिले के नईसराय थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक 9वीं कक्षा की छात्रा को पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। परिवार को लगा था कि यह किडनी की समस्या है, लेकिन डॉक्टरों ने जांच में गर्भावस्था की पुष्टि की। छात्रा की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसने चार माह के भ्रूण को जन्म दिया।
अस्पताल में हड़कंप, पुलिस को दी गई सूचना
अस्पताल में छात्रा की हालत देखकर डॉक्टरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रा और उसके परिवार से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में छात्रा ने बताया कि कुछ समय पहले वह अपनी बहन के घर गई थी, जहां उसके जीजा ने उससे शारीरिक संबंध बनाए थे। इस खुलासे के बाद अस्पताल और पुलिस दोनों ही हैरान रह गए। डॉक्टरों के अनुसार, छात्रा की हालत नाजुक थी, इसलिए उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।
मोदी सरकार ने नेशनल हाईवे टोल टैक्स में 50% छूट, जानिए कैसे मिलेगा छूट?
परिवार को नहीं थी जानकारी
छात्रा के परिजनों का कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी। वे इसे केवल किडनी की बीमारी मानकर चल रहे थे और पिछले तीन महीने से ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज करा रहे थे। छात्रा कुछ समय से अपने घर पर ही रह रही थी और किसी को भी उसके गर्भवती होने का संदेह नहीं था।

पुलिस जांच में जुटी, मामला दर्ज नहीं
नईसराय थाना प्रभारी पुनीत दीक्षित ने बताया कि पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि उसने अपनी मर्जी से संबंध बनाए थे। लड़की और उसके परिवार ने पुलिस में मामला दर्ज कराने से इनकार किया है। फिलहाल भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखा गया है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। छात्रा की उम्र 21 वर्ष 8 महीने बताई जा रही है और वह बालिग है, इसलिए पुलिस उसकी इच्छा के अनुसार कार्रवाई कर रही है।
इलाके में चर्चा का माहौल
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। रिश्तों की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाली इस घटना ने समाज को झकझोर दिया है। पुलिस जांच जारी है और अस्पताल प्रशासन भी पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।