भारतीय मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। सक्रिय मानसून ट्रफ, समुद्र तल पर कम दबाव का क्षेत्र और चक्रवाती हवाओं के कारण प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई क्षेत्र जलमग्न हो रहे हैं।
खतरे वाले जिले और अलर्ट की परिस्थितियाँ
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सतना, पन्ना समेत 41 जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की आशंका जताई गई है। इनमें कई जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी है जहाँ 200 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश हो सकती है, जबकि अन्य जिलों को ‘येलो अलर्ट’ के तहत सावधानी बरतने को कहा गया है।
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पिछले समय की बारिश और नुकसान
बीते 24 घंटों में गुना़ जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा कई जिलों में जलभराव हुआ, सड़कें पानी में डूब गईं और नदियों में उफान आ गया। बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर हादसे भी हुए, जिनमें कुछ लोगों की मृत्यु हुई।
सुरक्षा में प्रशासन की भूमिका
प्रशासन ने लोगों से नदी और जलजमाव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। राहत और बचाव कार्यों के लिए विभिन्न विभाग सतर्क हैं और प्रभावित इलाकों में पहुंच कर मदद कर रहे हैं।
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तापमान में गिरावट और हवा की गति
बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में राहत मिली है। हाल ही में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दिखा, और कई क्षेत्रों में तेज हवा चली, जिससे मौसम ठंडा महसूस हो रहा है।
आम जीवन पर बारिश का असर
लगातार बारिश से स्कूल, कॉलेज, कार्यालय प्रभावित हुए हैं। कई सड़कें और गलियां जलमग्न हैं, जिससे यातायात बाधित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
कृषि पर प्रभाव
किसान अच्छी बारिश को फायदे के रूप में तो देखते हैं, लेकिन अत्यधिक बारिश से धान और सोयाबीन जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसानों को जल निकासी और खेतों की निगरानी करने में सावधानी बरतनी चाहिए।