केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में बड़ा सुधार लाने के लिए बहुप्रतीक्षित 8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक के बाद आयोग के गठन की घोषणा की। सरकार के इस फैसले से 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 62 लाख पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा।
न्यूनतम सैलरी में जबरदस्त वृद्धि की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 51,480 रुपये तक करने की संभावना है। इसका आधार फिटमेंट फैक्टर बताया जा रहा है, जो 2.57 से बढ़ाकर 2.86 तक तय होने की अटकलें हैं। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में लगभग 186% की भारी बढ़ोतरी होगी।
फिटमेंट फैक्टर क्या है और इसका असर
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जिससे कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी को गुणा कर नया वेतन तय होता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, जिससे कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से 18,000 रुपये हो गया था। 8वें आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने के कई सुझाव सामने आए हैं, जिनमें 2.86, 2.28 और 1.83—2.46 के बीच के विभिन्न अनुमान सामने आ रहे हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय आयोग की रिपोर्ट को लेकर ही होगा।
निर्णय लेने की प्रक्रिया और संभावित तारीख
सरकार की योजना है कि 8वां वेतन आयोग 2025 में अपनी रिपोर्ट सौंपे, ताकि 7वें आयोग की अवधि समाप्त (2026) होने से पहले नए वेतनमान लागू हो सकें। इससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को समय से वेतन और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।