हाल ही में वैज्ञानिकों ने चंद्रमा से टकराने वाले एक संभावित क्षुद्रग्रह (asteroid) को लेकर सभी की नजरें आकाश की ओर कर दी हैं। आकलनों के अनुसार, यदि कोई बड़ा क्षुद्रग्रह चंद्रमा से टकराता है, तो इसके परिणामस्वरूप चंद्रमा से जुड़े दर्जनों दिलचस्प घटना क्रम सामने आ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस टक्कर से चंद्रमा के सतह से लाखों किलोग्राम चंद्र धूल और पत्थर अंतरिक्ष में बिखर सकते हैं, जिनमें से कुछ बारीक कण पृथ्वी के वायुमंडल में भी प्रवेश कर सकते हैं।
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आँखों के सामने चमचमाती उल्का वर्षा
वैज्ञानिक बताते हैं कि चंद्रमा से निकले बारीक कण जब पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेंगे, तो तीव्र गति से जलकर खूबसूरत रोशनी की लकीरों के रूप में आसमान में दिखाई देंगे। आमतौर पर ये कण 0.1 से 10 मिलीमीटर के आकार के होते हैं—यानि एक बालू के दाने जितने या उससे थोड़े बड़े। उल्का वर्षा की चमक आम उल्का वर्षा से कहीं ज्यादा लंबी और आकर्षक हो सकती है, वैज्ञानिक मानते हैं कि यह नज़ारा कई दिनों तक अंतरिक्ष प्रेमियों को रोमांचित कर सकता है।
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पृथ्वी पर कोई बड़ा खतरा नहीं
एक बड़ी राहत देने वाली खबर यह है कि इन चंद्र स्रोत उल्काओं से पृथ्वी की सतह पर किसी भी प्रकार का बड़ा खतरा नहीं होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि धरती का घना वायुमंडल इन कणों को पूरी तरह जला देगा, जिससे वे सतह तक नहीं पहुंच पाएंगे। हालांकि, उनके तीव्र वेग के कारण ये कण उपग्रहों या अंतरिक्ष यानों के लिए थोड़ी चिंता का विषय हो सकते हैं|
टक्कर का प्रत्यक्ष प्रभाव और दृश्य तात्कालिकता
अगर चंद्रमा पर क्षुद्रग्रह टकराए, तो इस प्रक्रिया का नजारा भी पृथ्वी से देखा जा सकता है। खगोलविदों का अनुमान है कि चंद्रमा की सतह पर तेज़ रोशनी की चमक—एक ब्राइट फ्लैश—कुछ सेकंड के लिए दिखाई देगा, जिसे रात में टेलीस्कोप अथवा दूरबीन से भी देखा जा सकता है। घटना चंद्रमा के लगभग 5,000 वर्षों के इतिहास में संभवतः सबसे बड़ी टक्कर होगी, जिससे वैज्ञानिकों को चंद्रमा के गठन और उसकी सतह की संरचना को लेकर नई जानकारियाँ मिल सकती हैं।