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Online gaming monetary losses- ऑनलाइन गेमिंग से 45 करोड़ लोग हार रहे हैं पैसे, UP सबसे आगे?

देश में ऑनलाइन पैसे वाले गेम्स, जिन्हें आमतौर पर सट्टेबाजी के रूप में जाना जाता है, से हर साल करीब 45 करोड़ लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस नुकसान की राशि लगभग 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के दुष्परिणाम कितने व्यापक और गंभीर हैं।http://Online gaming ban on Indian- ऑनलाइन मनी गेमिंग बिल से दहशत, नजारा के शेयर गिर गए|

उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन गेमिंग के मामले सर्वाधिक

उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन पैसे वाले गेम्स का क्रेज सबसे ज्यादा है, जहां सबसे अधिक लोग इस खतरे का शिकार होते हैं। राज्य में इंटरनेट की पहुंच और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग ने गेमिंग के प्रति रुचि को बढ़ावा दिया है, लेकिन इसके साथ-साथ इसका दुष्प्रभाव भी बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशासन इस बढ़ती समस्या से निपटने के लिए कई उपाय कर रहा है।

ऑनलाइन गेमिंग जोखिम

पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में जबरदस्त विकास हुआ है। हालांकि यह पारंपरिक मनोरंजन का हिस्सा बन चुका है, वहीं इसके कारण वित्तीय धोखाधड़ी, जबरदस्त आर्थिक नुकसान और सामाजिक समस्याएं भी उजागर होने लगी हैं। कई लोग बड़े राजस्व के लालच में फंस जाते हैं और इसके चलते दिवालियापन जैसी स्थिति का सामना करते हैं।

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ऑनलाइन गेमिंग के प्रभाव

इस गेमिंग के कारण न केवल व्यक्तिगत रूप से लोग आर्थिक नुकसान उठाते हैं, बल्कि इससे समाज में भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। परिवार टूटने, मानसिक तनाव और अपराध में बढ़ोतरी के मामले सामने आते हैं। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर इसका दबाव सबसे ज्यादा होता है, जो आसानी से आर्थिक नुकसान के शिकार हो जाते हैं।

Tiwari Shivam

शिवम तिवारी को ब्लॉगिंग का चार वर्ष का अनुभव है कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में उन्होंने एक व्यापक समझ विकसित की है वे बहुराष्ट्रीय कम्पनियों व दुनिया के नामी स्टार्टप्स के लिये भी काम करते हैं वह गैजेट्स ,ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, स्पेस रिसर्च ,इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ,कॉर्पोरेट सेक्टर तथा अन्य विषयों के लेखन में व्यापक योग्यता और अनुभव रखते हैं|

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