ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफलों का दाता माना जाता है। वे जीवन में अनुशासन, न्याय और मेहनत का प्रतीक हैं। जब शनि किसी राशि पर दृष्टि डालते हैं या साढ़ेसाती या ढैया का प्रभाव शुरू होता है, तो व्यक्ति के धैर्य और कर्म की सच्ची परीक्षा होती है। साल 2026 में शनिदेव का गोचर कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय लेकर आ रहा है, और ऐसे में सही तैयारी जरूरी है।
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मेष राशि – आत्मसंयम की परीक्षा
मेष राशि वालों के लिए आने वाला साल आत्मसंयम और जिम्मेदारी की परीक्षा लेगा। कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है और पुराने अधूरे काम पूरे करने की चुनौती रहेगी। सलाह है कि निर्णय लेते समय जल्दबाजी से बचें और वरिष्ठों का सम्मान करें। नियमित ध्यान और पूजा से मानसिक शांति मिलेगी।
कर्क राशि – पारिवारिक मोर्चे पर उतार-चढ़ाव
कर्क राशि वालों के लिए शनिदेव का प्रभाव घरेलू जीवन में थोड़ी अस्थिरता ला सकता है। परिवार में छोटी-छोटी बातों पर मतभेद संभव हैं। ऐसे में प्रेम और संवाद को प्राथमिकता दें। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है।
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तुला राशि – कर्म का फल तय करेगा दिशा
तुला राशि के जातकों के लिए यह समय कर्मफल का है। पिछले साल किए गए कामों का परिणाम अब सामने आएगा। यदि आपने मेहनत और ईमानदारी से कार्य किया है, तो शनिदेव आशिर्वाद देंगे, अन्यथा सुधार की राह दिखाएंगे। यह समय आत्मविश्लेषण और अनुशासन बढ़ाने का है।
मकर राशि – जिम्मेदारियों का बढ़ेगा बोझ
मकर राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव बना रहेगा। इससे कार्यक्षेत्र और निजी जीवन दोनों में दबाव रहेगा। आपसे अपेक्षा होगी कि आप धैर्य से काम लें और किसी भी कठिन परिस्थिति में हार न मानें। शुभ फल के लिए शनिवार को तेल का दान करें और गरीबों की सेवा करें।
कुंभ राशि – नए अवसरों के साथ चुनौतियाँ
कुंभ राशि वालों को शनिदेव नए अवसरों के साथ कुछ सख्त सबक भी देंगे। पुराने मित्रों या साझेदारी में तनाव संभव है। लेकिन यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने और सही दिशा चुनने का है। यदि आप अपनी गलतियों से सीखेंगे, तो कठिन परिस्थितियाँ भी सफलता में बदल सकती हैं।



