भारतीय शेयर बाजार में आज एक बार फिर गिरावट का दौर देखने को मिला। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को निवेशकों के चेहरों पर मायूसी छाई रही, जब शुरुआती मजबूती के बाद बाजार ने अचानक रुख बदल लिया। दिनभर के उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स करीब 480 अंकों की गिरावट के साथ 71,250 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 150 अंक टूटकर 21,550 अंक पर आ गया।
इस गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक बाजारों में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली रही। अमेरिका और यूरोप के बाजारों में दिखी मंदी का असर घरेलू बाजार पर भी साफ़ तौर से महसूस किया गया। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपया कमजोर होने से निवेशक सावधानी बरतते दिखे।
आईटी और मेटल सेक्टर पर सबसे ज़्यादा दबाव रहा, जबकि बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। इंफोसिस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बाजार को नीचे खींचने में प्रमुख भूमिका निभाई। वहीं, कुछ चुनिंदा दवा कंपनियों और ऑटो सेक्टर के शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक थामने की कोशिश की।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि साल के अंतिम कारोबारी सप्ताह में निवेशक मुनाफावसूली के मूड में हैं और विदेशी संकेत कमजोर रहने से बाजार में निकट भविष्य में और उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर ही कदम बढ़ाने चाहिए और दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है।



