इंदौर में पानी पीने से फैली बीमारी ने शहरभर में हड़कंप मचा दिया है। नगर निगम के जल स्रोतों से सप्लाई किए गए दूषित पानी की वजह से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों नागरिक अस्पतालों में भर्ती हैं। अचानक फैली इस त्रासदी ने प्रशासन की व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई इलाकों में लोग नलों से आने वाले बदबूदार और मटमैले पानी की शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, पर राहत के इंतज़ाम अब भी नाकाफी बताए जा रहे हैं।
अस्पतालों में अफरा-तफरी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
मायो, एमवाय हॉस्पिटल और जिला अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने शहरभर के सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया है। डॉक्टर्स का कहना है कि कई मरीजों को गंभीर संक्रमण हुआ है जो पानी में मौजूद बैक्टीरिया के कारण फैल रहा है। जल नमूनों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और पानी की आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित इलाकों में बंद कर दी गई है।
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विपक्ष ने साधा निशाना, जांच रिपोर्ट की मांग तेज
त्रासदी के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जल आपूर्ति व्यवस्था में वर्षों से लापरवाही की जा रही है, और इसी का नतीजा आज जनता को भुगतना पड़ रहा है। विपक्षी नेताओं ने कहा है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2021 की रिपोर्ट में पहले ही इंदौर जल वितरण प्रणाली में गंभीर खामियों का उल्लेख किया गया था, जिस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब वही लापरवाही भारी पड़ रही है।



