वेनेजुएला की राजधानी कराकस में शनिवार देर रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब अमेरिकी सैनिकों के एक स्पेशल दस्ते ने राष्ट्रपति मादुरो के निजी आवास में घुसपैठ कर दी। सूत्रों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अपनी पत्नी के साथ बेडरूम में आराम कर रहे थे। अचानक दरवाज़े तोड़ते हुए सैनिकों का एक दल अंदर घुसा और राष्ट्रपति को सुरक्षा घेरे से बाहर खींच लिया।
पड़ोसी देशों में मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस अप्रत्याशित कार्रवाई की खबर फैलते ही पड़ोसी देशों ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। कोलंबिया, ब्राज़ील और क्यूबा की सरकारों ने औपचारिक रूप से इस घटना पर चिंता जताई है। वेनेजुएला की सुरक्षा एजेंसियों ने कराकस के सभी प्रमुख मार्गों को सील कर दिया है और राष्ट्रपति भवन के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
अमेरिकी पक्ष की सफाई: “यह ऑपरेशन गुप्त मिशन का हिस्सा था”
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वाशिंगटन ने इस कार्रवाई को ‘स्पेशल ऑपरेशन’ बताया है, जिसमें “अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा उल्लंघन” को रोकने का दावा किया गया है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग ने साफ किया है कि इस अभियान का उद्देश्य “सीमित अवधि का जांच मिशन” था, न कि किसी राजनीतिक हस्तक्षेप का प्रयास।
राष्ट्रपति मादुरो का बयान: “हमारी संप्रभुता पर हमला बर्दाश्त नहीं”
राष्ट्रपति मादुरो ने घटना के कुछ घंटे बाद राष्ट्रीय प्रसारण में कहा, “यह वेनेजुएला के सम्मान और स्वतंत्रता पर प्रहार है। अमेरिका को इसका राजनीतिक और राजनयिक जवाब दिया जाएगा।” उनके बयान के बाद राजधानी में समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी और ‘संप्रभुता की रक्षा’ के नारे गूंजने लगे।



