भारत में आस्था और भक्ति की मिसाल बने बाबा बागेश्वर यानी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर चर्चाओं में हैं। हाल ही में उन्होंने अपने दरबार में उपस्थित श्रद्धालुओं के समक्ष हनुमान जी की कसम खाकर घोषणा की कि यदि कोई दो काम उनकी तरफ से पूरे कर दे, तो वे जीवन भर किसी प्रकार की
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दक्षिणा लेने की मजबूरी पर खुलासा
दरअसल, बाबा बागेश्वर अक्सर कथा, दरबार या आध्यात्मिक आयोजनों में प्राप्त दक्षिणा को लेकर सवालों के घेरे में रहते हैं। इसी मुद्दे पर उन्होंने हाल में स्पष्ट किया कि वे दो खास मजबूरियों के चलते ही दक्षिणा ग्रहण करते हैं।
पहली मजबूरी है सेवा के प्रकल्प जैसे अस्पताल निर्माण और भंडारा योजना आदि, जिनके संचालन एवं विस्तार के लिए आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। दूसरी मजबूरी है समाज के जरूरतमंदों को सहायता पहुचाना। उनका कहना है कि यदि इन्हें स्थायी विकल्प मिल जाए, तो वे सदा के लिए दक्षिणा लेना छोड़ देंगे।
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सेवा और भक्ति का मिला संदेश
बाबा बागेश्वर ने अपने भक्ति-संदेश को भी पूरे देश में फैलाया है। उन्होंने कहा कि उनकी असली पहचान हनुमान जी की भक्ति है। वे केवल लोगों को सरलतम तरीके से संकटमोचन की भक्ति से जोड़ना चाहते हैं। उनका मानना है कि दक्षिणा का उद्देश्य केवल अपनी जरूरतें या ऐश्वर्य बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज सेवा और गरीब-असहाय लोगों तक मदद पहुंचाना है। दक्षिणा से मिलने वाली धनराशि का एक बड़ा हिस्सा अस्पताल और अन्नपूर्णा भोजन योजनाओं में खर्च होता है, जिससे हजारों जरूरतमंदों को प्रतिदिन सहयोग मिलता है।