मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में एक नई पहल की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण को ‘माखनचोर’ कहना उनकी छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है। इसी कारण उनकी सरकार इस गलत धारणा को दूर करने के लिए एक व्यापक सामाजिक जागरूकता अभियान शुरू करेगी, ताकि लोगों में सही जानकारी पहुंचाई जा सके।http://Indore girl alleges under love jihad- बच्चे का खतना, जबरन खिलाया मांस, इंदौर की लड़की का लव जिहाद आपबीती|
‘माखनचोर’ शब्द का सांस्कृतिक और सामाजिक प्रभाव
श्रीकृष्ण की भक्ति में ‘माखनचोर’ शब्द प्रायः प्रेम और बाल लीलाओं के प्रतीक के रूप में लिया जाता है। लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि यह शब्द कभी-कभी नकारात्मक अर्थों में जनता के बीच फैल जाता है, जो भगवान की शुद्ध छवि के विपरीत है। उनके अनुसार इसे लेकर गलतफहमी से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
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मुख्यमंत्री की सफाई और विवाद का समाधान
मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को लोक संस्कृति का हिस्सा माना जाता है, लेकिन इसका गलत अर्थ निकालना सांस्कृतिक विरासत के अपमान के समान है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि लोगों को सही और सकारात्मक दृष्टिकोण देना है। इससे धार्मिक सद्भावना को बढ़ावा मिलेगा।