शनिवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सतना जिले के सिंहपुर गांव में आयोजित ‘मातृ शक्ति उत्सव’ में भाग लिया। तेज बारिश के बावजूद कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग जुटे। मुख्यमंत्री ने अपनी मौजूदगी से इस आयोजन की अहमियत और भी बढ़ा दी। उन्होंने महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया तथा मातृ शक्ति को समाज का आधार स्तंभ बताया।
मातृ शक्ति उत्सव: उत्साह, श्रद्धा और बदलाव की बयार
मातृ शक्ति उत्सव के मंच से मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान और उनके सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश की। कार्यक्रम में ‘लाड़ली बहना’ और ‘नवांकुर बहना’ सहित कई महिला स्व-सहायता समूहों ने भाग लिया। सीएम ने मंच पर बहनों से संवाद किया और उनका हौसला बढ़ाया। इसी दौरान महिलाओं ने 20 फीट लंबी राखी भेंट की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी अनूठी पहल के तहत पौधारोपण भी किया। ग्राम स्तरीय महिला सशक्तिकरण की यह झलक पूरे जिले के लिए प्रेरणा बनी।
लाड़ली बहनों के लिए 3,000 रुपए महीना देने का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लाड़ली बहना योजना के लाभार्थियों को चरणबद्ध ढंग से 3,000 रुपए प्रतिमाह देने का लक्ष्य है। अभी योजना के तहत 1,250 से 1,500 रुपए तक की सहायता दी जा रही है, जिसे आगामी वर्षों में 3,000 रुपए तक बढ़ाया जाएगा। यह राशि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और परिवार में उनकी भूमिका को और भी मजबूत करेगी। सीएम ने कहा कि इस योजना का लाभ 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र की विवाहित महिलाओं और बेटियों को मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में बेहतर सुधार आएगा।
93 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सतना जिले को 93 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं का उपहार भी दिया। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़कों, जल प्रबंधन, ग्रामीण अवस्थापना जैसे अनेक विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण हुआ। इसके साथ ही 10 महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए और पौधारोपण के कार्य भी किए गए।