राज्य सरकार ने मंदिरों की सजावट और श्रृंगार के लिए विशेष पुरस्कार देने का फैसला किया है। इस पहल के अंतर्गत कुल 15 मंदिरों को पुरस्कृत किया जाएगा। सरकार के माध्यम से इस योजना का उद्देश्य धार्मिक स्थलों की सुंदरता एवं सांस्कृतिक महत्ता को बढ़ाना बताया गया है।
पुरस्कार राशि और वितरण का ढांचा
इन पुरस्कारों की राशि ₹51,000 से लेकर ₹1.50 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। यह राशि मंदिरों की सजावट, रखरखाव, तथा धार्मिक आयोजनों के लिए सहायता स्वरूप दी जाएगी। पुरस्कार का वितरण समारोह जल्द ही आयोजित किया जाएगा, जहां उत्कृष्ट कार्य करने वाले मंदिरों को सम्मानित किया जाएगा।
मंदिरों की भूमिका और सांस्कृतिक महत्व
मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के भी संरक्षक हैं। सरकार का यह कदम मंदिरों को बेहतर बनाए रखने और उनकी शोभा बढ़ाने के लिहाज से महत्व रखता है। इससे स्थानीय लोगों में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता भी बढ़ेगी।
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सजावट एवं श्रृंगार में उपयोग होने वाली सामग्री पर विशेष ध्यान
मंदिरों की सजावट के दौरान उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर भी सरकार नजर रखेगी। प्राकृतिक फूलों, पारंपरिक कलाकृतियों और स्थानीय हस्तशिल्प का उपयोग बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रदेश की कला को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय कारीगरों को रोजगार मिलेगा।