बैंक में ग्राहक जब अपनी जरूरतों के साथ पहुँचते हैं, तो सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब बैंक कर्मचारी “बाद में आना” या “कल आना” कहकर उनका काम टाल देते हैं। यह समस्या न केवल ग्राहकों को परेशान करती है बल्कि बैंकिंग सेवाओं पर उनके विश्वास को भी कमzor करती है। ऐसे व्यवहार से बैंक की छवि पर भी असर पड़ता है, क्योंकि ग्राहक समय पर अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करना चाहते हैं।
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बढ़ रही ग्राहक शिकायतें और उनकी मुख्य वजहें
हाल ही में विभिन्न राज्यों से आए शिकायतों के आधार पर यह पता चला है कि बैंक कर्मचारियों द्वारा काम टालने के कारण ग्राहकों को कई बार अनावश्यक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। काम टालने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे कर्मचारियों की कमी, प्रशिक्षण का अभाव, या फिर बैंकिंग सिस्टम में तकनीकी दिक्कतें। इसके अलावा, भीड़भाड़ वाले समय में कर्मचारियों की तरफ से आवश्यक सेवाओं में देरी भी आम बात है।
शिकायत दर्ज कराने के लिए सही तरीका और चैनल्स
यदि आपको बैंक कर्मचारी द्वारा आपके काम को टालने का सामना करना पड़ता है, तो शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। शिकायत करने के लिए आप निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
- ग्राहक सेवा केंद्र (Customer Service Centre): अधिकांश बैंक शाखाओं में ग्राहक सेवा केंद्र होते हैं जहां आप सीधे जाकर समस्या बता सकते हैं।
- बैंक की आधिकारिक वेबसाइट: बैंक की वेबसाइट पर “ग्राहक शिकायत” या “feedback” सेक्शन में फॉर्म भरकर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
- ग्राहक सेवा टोल-फ्री नंबर: प्रत्येक बैंक का एक ग्राहक सेवा नंबर होता है जिस पर कॉल कर अपनी समस्या को सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं।
- गृह मंत्रालय की बैंकिंग शिकायत पोर्टल: भारत सरकार की योजना जनधन या बैंकिंग शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
- RBI की शिकायत निवारण प्रणाली (CFMS): रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर जाकर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है, जो बैंकिंग क्षेत्र की उच्चतर संस्था है।
शिकायत करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
शिकायत दर्ज करते समय आपको अपने बैंक खाते, शाखा का नाम, कर्मचारी का नाम (यदि पता हो), और घटना का पूरा विवरण देना चाहिए। शिकायत को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित दस्तावेज़ जैसे पासबुक, संदेश, फोटो, या अन्य प्रमाण भी संलग्न करें। यदि आपकी शिकायत का उचित समाधान नहीं होता है, तो पुनः RBI के पास अपील कर सकते हैं।
बैंक कर्मचारी की गैरजिम्मेदारी से कानूनिक दायित्व
बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारी का कर्तव्य होता है कि वे ग्राहक को समय पर और सही सुविधा प्रदान करें। भारतीय बैंकिंग नियमन के अंतर्गत, अगर कर्मचारी या बैंक ग्राहक की शिकायतों का समाधान न करें, तो यह ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे में ग्राहक ‘ग्राहक संरक्षण अधिनियम’ का सहारा लेकर उचित कार्रवाई की मांग कर सकते हैं।