मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच ने 12 अगस्त को कांदिवली स्थित एक ऑफिस पर छापा मारा, जहां एक बड़े कर्ज घोटाले से जुड़े सिम कार्ड और बैंक पासबुक की बरामदगी हुई। पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान 5 ऐसे लोगों का पता चला जिन्होंने अपने बैंक खाते और सिम कार्ड बेचे थे, जिनका इस्तेमाल इस धोखाधड़ी में किया गया। यह खुलासा जांच की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।
धोखाधड़ी में उपयोग हुए सिम कार्ड और बैंक पासबुक की जांच जारी
पुलिस ने बताया कि जिन सिम कार्ड और बैंक पासबुक को बरामद किया गया है, उनकी जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल किस तरह से फर्जीवाड़े के लिए किया गया। अतिरिक्त जांच से पता चला है कि इन फर्जी खातों और सिम कार्ड के जरिए कई ट्रांजेक्शन किए गए, जिनसे धोखाधड़ी की गुत्थी सुलझाई जा सके। यह कदम धोखेबाजों के जाल को तोड़ने के लिए अहम साबित होगा।
धोखेबाजों का नेटवर्क बड़ा और संगठित
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बैंक खाते और सिम कार्ड बेचने वाली यह गिरोह काफी संगठित है और उन्होंने लाखों की रकम की धोखाधड़ी में भाग लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे गिरोह डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं कहीं सरकारी या बैंकिंग कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं हुई है।