Google paid search-आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जीस तरह से सर्च इंजन की दुनिया में धूम मचा रहा है अब दुनिया के दिग्गज आईटी कंपनी गूगल के द्वारा जो कि अब तकअपने सर्च इंजन पर सभी तरह की सुविधाओं को मुफ्त में प्रदान कर रही थी उसे पेड़ कर दिया जा सकता है कंपनी इस मामले में शोध और विचार कर रही है कि इसे कब और कैसे लागू किया जाए क्योंकि कंपनी इस तरह से इसे लागू करेगी कि ग्राहकों के ऊपर किसी भी तरह का कोई खास असर भी ना पड़े और उसका काम भी हो जाए|
AI आधारित सुविधा के लिए लग सकता है शुल्क
इंटरनेट पर AI आधारित सर्च सुविधा शुल्क लगाने से सूचना और ज्ञान के प्रवाह में अब उच्च और निम्न वर्ग की खाई काफी गहरी हो जाएगी क्योंकि सब लोग यही आधारित सर्च सुविधा के लिए पैसा नहीं दे सकते हैं और भारत में तो बहुत कम लोग ही ऐसे होंगे जो कि सर्च करने के लिए पैसा देंगे तो हो सकता है कि भारत में इसे लॉन्च ना किया जाकर दुनिया के उन देशों में लॉन्च किया जाए जहाँ पर लोग ज्यादा खर्चा करते हैं कि भारत में लोग कम पैसे खर्च करते हैं लेकिन सर्च इंजन के लिए लोग पैसा खर्चा करेंगे इस बात में थोड़ा संशय है|
गूगल ने क्या कहा है?
एक रिपोर्ट में यह बताया गया है कि गूगल के प्रवक्ता ने कहा कि हम विज्ञापन मुक्त खोज और नो पर काम नहीं कर रहे हैं या इस पर विचार भी नहीं कर रहे हैं कुल मिलाकर मामला ये होगा कि जीस तरह से चर्च बेटी ने अपने कुछ वर्जन को पेड़ कर दिया है उसी तरह से गूगल भी अपने सर्च को बेहतर कर सकता है|