नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) इन दिनों सुर्खियों में है। सरकार ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को तलब किया है, क्योंकि हाल के दिनों में उड़ानों की बड़ी संख्या में देरी और रद्द होने की घटनाएं सामने आई हैं। यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं, जिसके चलते नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है।
1800 से ज्यादा उड़ानें संचालन में
जानकारी के अनुसार, इंडिगो ने बुधवार को 1800 से अधिक उड़ानें संचालित कीं। यह भारत की कुल घरेलू उड़ानों का सबसे बड़ा हिस्सा है। हालांकि, खराब मौसम और तकनीकी कारणों से कई उड़ानें देर से रवाना हुईं या रद्द करनी पड़ीं। यात्रियों की बढ़ती नाराजगी ने सोशल मीडिया पर भी जोर पकड़ा है, जहां कई लोगों ने अपनी यात्रा परेशानियों के अनुभव साझा किए हैं।
827 करोड़ रुपये तक किए गए रिफंड
मंत्रालय को मिली रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो ने अब तक यात्रियों को 827 करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड जारी किए हैं। यह राशि पिछले कुछ महीनों में रद्द या विलंबित उड़ानों से प्रभावित यात्रियों को लौटा दी गई है। सरकार का कहना है कि एयरलाइंस को यात्रियों की सुविधाओं का खास ध्यान रखना चाहिए और समय पर सेवा देना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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सरकार का सख्त संदेश – यात्रियों से समझौता नहीं
नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि “सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई एयरलाइन बार-बार शिकायतों का केंद्र बनती है, तो उस पर कड़े जुर्माने या नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है।
