पुरी में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के श्री जगन्नाथ मंदिर के दक्षिणी हिस्से में सुरक्षा को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। झारखंड के रांची निवासी एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो मंदिर के 12वीं शताब्दी के भाग में लगभग 5 से 7 फुट ऊपर चढ़ गया था। यह चढ़ाई मंदिर सुरक्षा प्रबंधन के लिहाज से बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।
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12वीं शताब्दी के मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
श्री जगन्नाथ मंदिर, जो अपनी प्राचीन वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, पर इस प्रकार की अनधिकृत चढ़ाई ने मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर के दक्षिणी हिस्से में इतनी ऊंचाई पर चढ़ना न केवल मंदिर की संरचना के लिए खतरा है, बल्कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय है।
आरोपी की पहचान और पुलिस कार्रवाई
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति झारखंड के रांची का रहने वाला है। आरोपी मंदिर परिसर के दक्षिणी हिस्से पर बिना अनुमति और सुरक्षा इंतजामों के चढ़ गया था। मंदिर प्रशासन और पुलिस ने मिलकर तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि उसके मकसद और चढ़ाई के कारणों का स्पष्ट विवेचना हो सके।http://Headphones with deep bass- बेहतरीन साउंड और ब्लूटूथ 5.3 के साथ BoAt वायरलेस हेडफोन, जानें फीचर्स!
मंदिर प्रशासन की प्रतिक्रिया
श्री जगन्नाथ मंदिर के प्रशासन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि मंदिर परिसर के भीतर सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी की जाएगी। साथ ही मंदिर के आसपास सुरक्षा कैमरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व के साथ सुरक्षा की जरूरत
श्री जगन्नाथ मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक विरासत का भी हिस्सा है। 12वीं शताब्दी का यह मंदिर बड़ी सावधानी और संरक्षण की मांग करता है। ऐसे विरासत स्थलों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार का लापरवाही इतिहास और धर्म दोनों के लिए खतरा बन सकती है।