महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले के वाडवानी क्षेत्र में शुक्रवार को एक सरकारी वकील ने खुदकुशी कर ली। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सरकारी वकील की अचानक मृत्यु से पुलिस प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था में खलबली मच गई है। रात करीब साढ़े दस बजे शव उनके घर में मिला, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
न्यायिक अधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोप
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। शुक्रवार को पुलिस ने एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद क्षेत्र में न्यायिक प्रक्रिया और न्यायिक अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की शुरुआती जांच से स्पष्ट हुआ कि सरकारी वकील मानसिक दबाव में था और उसने कई बार अपने करीबी सहयोगियों से परेशानी जताई थी।
पूरे प्रशासन में बेचैनी, किस वजह से उठाया कदम?
सरकारी वकील की आत्महत्या की खबर फैलते ही जिला न्यायालय, पुलिस प्रशासन, और क्षेत्र की जनता में गहरी बेचैनी देखी गई। सूत्रों के अनुसार, मृतक ने एक पत्र छोड़ा है जिसमें न्यायिक प्रक्रिया में उत्पीड़न और व्यक्तिगत दबाव का उल्लेख किया गया है। पुलिस इस पत्र को महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही है और उसकी जांच की जा रही है। इस घटना के कारण जिला न्यायालय में किसी भी केस की सुनवाई को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।