केरल के मुथुपिलक्कड़ स्थित प्रसिद्ध पार्थसारथी मंदिर में आयोजित ऑनम उत्सव के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम वाली रंगोली (फूलों से बनी पाखळम) को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। इस रंगोली पर आरएसएस का झंडा भी अंकित था, जिसकी वजह से मंदिर प्रबंधन ने इसको लेकर कड़ा रुख अपनाया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मंदिर अधिकारीयों ने कहा कि इससे पहले हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर में किसी भी तरह के राजनीतिक निशान लगाने पर रोक लगाई है।
27 आरएसएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज
शासकीय पुलिस ने इस मामले में 27 आरएसएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारत की नई न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपों में सार्वजनिक जगह पर आदेश की अवहेलना, दंगा भड़काने का प्रयास और कई लोग मिलकर अपराध करने का मामला शामिल है। पुलिस के अनुसार, मंदिर परिसर में आरएसएस झंडा और छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र के साथ फ्लेक्स बोर्ड भी लगाया गया था, जो विवाद का कारण बना।
मंदिर प्रबंधन की आपत्ति और हाईकोर्ट का आदेश
मंदिर समिति के सदस्य मोहनन ने कहा कि मंदिर परिसर में धर्म एवं सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान राजनीतिक प्रतीकों की अनुमति नहीं है। पहले भी इस क्षेत्र में राजनीतिक झंडों को लेकर टकराव हो चुका है, इसलिए हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि कोई भी राजनीतिक चिन्ह मंदिर परिसर में नहीं लगाया जाए। इस आदेश का उल्लंघन होने के कारण शिकायत दर्ज की गई।
