मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में मंगलवार को असाधारण भीड़ के चलते भयावह स्थिति पैदा हो गई। कांवड़ यात्रा और रुद्राक्ष वितरण के कार्यक्रम के चलते लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटे थे। इसी दौरान अचानक हुई अफरा-तफरी में दो महिलाओं की मौत हो गई और करीब 10 से अधिक लोग घायल हो गए। हर तरफ चीख-पुकार के बीच घटनास्थल पर अफरातफरी फैल गई।
घायलों के लिए जद्दोजहद: अस्पताल पहुंचने में लगी देरी
हादसे के बाद घायलों को फौरन जिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन आसपास के क्षेत्र में इतनी ज्यादा भीड़ और यातायात जाम था कि एम्बुलेंस और अन्य वाहन समय पर रास्ता नहीं बना पाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घायलों को अस्पताल पहुंचाने में डेढ़ घंटे से भी ज्यादा समय लग गया। यह देरी व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करता है, जब हर पल कीमती होता है।
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व्यवस्थाएं बौनी, व्यवस्थापक हैरान
पुलिस और प्रशासन ने जहां हजारों श्रद्धालुओं के लिए पहले से इंतजाम करने का दावा किया था, वहीं मौके पर व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। भोजन, ठहरने और दर्शनों की योजनाएं भीड़ के सामने नाकाम साबित हुईं। तीन घंटे बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन मृतकों की पहचान नहीं कर सका था, जिससे सरकार की तैयारी पर सवाल खड़े हो गए।
प्रशासन पर सवाल, श्रद्धालुओं में नाराजगी
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया। भारी भीड़ को लेकर पहले से चेतावनी दी गई थी, फिर भी न तो पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था थी, न ही आपातकालीन मेडिकल टीम समय पर पहुंच सकी। घटना के बाद श्रद्धालु और परिवारजन प्रशासन से नाराज दिखाई दिए। दुर्घटना के बाद भी कुबेरेश्वर धाम में भीड़ का सैलाब रुका नहीं।