Latest breaking news updates today-लक्ष्मीपुर सदर के एक छोटे से इलाके से निकली खबर ने पूरी दुनिया को सदमे में डाल दिया। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) नेता बिलाल हुसैन के घर पर हमलावरों ने आग लगा दी, जिसमें उनकी 7 साल की बेटी आयशा अख्तर जिंदा जल गई। यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है, जहां एक मासूम बच्ची की चीखें आग की लपटों में दब गईं।
BNP नेता के घर पर रात के सन्नाटे में हमला
20 दिसंबर 2025 की रात करीब 1 बजे पश्चिम चार मांसा गांव में बिलाल हुसैन का टिन का घर धू-धु जल उठा। स्थानीय BNP नेता और व्यवसायी बिलाल सो रहे थे, जब बाहर भीड़ ने घर के दरवाजे बाहर से बंद कर पेट्रोल छिड़क दिया। लक्ष्मीपुर सदर मॉडल थाना के OC मोहम्मद वाहिद परवेज ने पुष्टि की कि आयशा अख्तर की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। बिलाल की दूसरी बेटियां सलमा अख्तर (16) और सामिया अख्तर (14) गंभीर रूप से झुलस गईं, जबकि बिलाल खुद भी जख्मी हैं। फायर सर्विस ने तीन को बचाया, लेकिन सबसे छोटी आयशा को बचाने वाले वक्त नहीं मिला।
आग लगाने वालों का मकसद क्या था
घटना बांग्लादेश में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच हुई। BNP नेता बिलाल पर हमला उनकी राजनीतिक पहचान से जुड़ा माना जा रहा है। डेली स्टार और ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, हमलावरों ने घर को लॉक कर आग लगाई ताकि कोई बाहर न निकल सके। बिलाल की मां नजमा बेगम ने बताया कि वे रात में जागीं तो घर धुआं से भरा था। दरवाजा तोड़कर बाहर निकले, लेकिन आयशा कमरे में फंस गई। डॉक्टरों ने बताया कि सलमा और सामिया के 50-60% शरीर पर जलन है, वे ढाका के बर्न यूनिट में हैं। बिलाल लक्ष्मीपुर सदर अस्पताल में भर्ती हैं।
यूनुस सरकार पर सवालों का पहाड़
मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के आने के बाद बांग्लादेश में हिंसा बढ़ गई है। दीपू दास हत्याकांड के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है। विपक्षी नेता और परिवारों का आरोप है कि कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। OC वाहिद परवेज ने कहा कि जांच जारी है, लेकिन कोई केस दर्ज नहीं। स्थानीय लोग कहते हैं कि शेख हसीना के जाने के बाद अल्पसंख्यक और विपक्ष सुरक्षित नहीं। आयशा जैसी मासूमों की मौत पर सवाल उठ रहे हैं कि यूनुस सरकार कब तक चुप्पी साधे रखेगी।
परिवार का दर्द जो शब्दों से परे
बिलाल हुसैन भाबनिगंज यूनियन के BNP सह-संगठन सचिव हैं। उनकी पत्नी नजमा ने रोते हुए कहा कि नातिन आयशा सबसे चुलबुली थी। आग लगने पर वे बाहर भागे, लेकिन छोटी को भूल गए। पड़ोसियों ने आग बुझाई, लेकिन देर हो चुकी थी। सलमा और सामिया की हालत गंभीर है, डॉक्टरों ने कहा कि 50% से ज्यादा जलन जानलेवा हो सकती है। बिलाल ने अस्पताल से कहा कि राजनीति के कारण पूरा परिवार तबाह हो गया। लक्ष्मीपुर में BNP कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, लेकिन पुलिस ने रोका।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले
हसीना सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में हिंसा की लहर है। BNP समर्थकों पर हमले बढ़े हैं। आयशा की मौत ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा। भारत में भी सोशल मीडिया पर गुस्सा भड़क गया। पूर्व विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि पड़ोसी देश की स्थिरता जरूरी। यूनुस सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि कानून व्यवस्था संभाले, वरना हालात बिगड़ेंगे। लक्ष्मीपुर पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं।
मासूम आयशा की मौत ने जगाया सवाल
एक 7 साल की बच्ची की मौत सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि व्यवस्था की नाकामी है। बिलाल परिवार अब न्याय की आस लगाए है। सलमा-सामिया की सांसें थमने की कगार पर हैं। बांग्लादेश में शांति कब लौटेगी, यह सवाल सभी के मन में है। आयशा की यादें बिलाल के घर में बसी रहेंगी, लेकिन दोषियों को सजा मिले, यही सबसे बड़ा न्याय होगा।


