भारत में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ सरकार अब सख्त कदम उठाने लगी है। हाल ही में लोकसभा में एक नया बिल पास हुआ जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी है—खासकर पान मसाला और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के बीच। इस बिल को लेकर सोशल मीडिया पर भी जमकर चर्चा हो रही है, क्योंकि इसका सीधा असर लाखों कारोबारियों और उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
क्या है इस नए बिल में खास?
इस बिल के तहत तंबाकू और पान मसाले में निकोटिन की मात्रा को सख्ती से नियंत्रित करने की बात कही गई है। इसके अलावा, इन उत्पादों के टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया विज्ञापनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। अब जो ब्रांड्स तरह-तरह के सरोगेट ऐड यानी परोक्ष विज्ञापन दिखाकर नियमों को तोड़ते थे, वो अब ऐसा नहीं कर पाएंगे।
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कंपनियों को क्यों लगी तगड़ी चोट
पान मसाला कंपनियों की एक बड़ी आमदनी इनके विज्ञापनों के जरिए आती है, जिनमें बॉलीवुड स्टार्स और बड़े इन्फ्लुएंसर ब्रांड अंबेसडर बने नजर आते हैं। इस नए बिल के बाद इन ऐड्स पर रोक लगने का मतलब है—बड़ा आर्थिक नुकसान। कंपनियों को अब अपने बाजार में बने रहने के लिए नए तरीके खोजने होंगे, वरना कई ब्रांड्स की पकड़ ढीली पड़ सकती है।
