मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में हाल ही एक अंतिम यात्रा का दृश्य सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय में चर्चा का विषय बन गया। पारंपरिक तौर पर जहाँ लोग कोई भी अंतिम संस्कार शांति और गंभीरता से करते हैं, वहीं इस अंतिम यात्रा में कुछ अलग देखने को मिला। लोग शांत खड़े होकर मूकदर्शक बने थे और उस भीड़ में एक व्यक्ति, लाल शर्ट पहने, अपने दोस्त की अर्थी के आगे दिल खोलकर झूम रहा था। यह अलग सा दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए भी भावनाओं का संगम बन गया और हर किसी की नजर उसी पर टिक गई|

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अंबालाल प्रजापत: दोस्ती निभाने का अनूठा अंदाज
लाल शर्ट पहने उस व्यक्ति का नाम अंबालाल प्रजापत है। वे अपने बचपन के दोस्त सोहनलाल जैन की अर्थी के आगे डांस करते नजर आए। अंबालाल का कहना है कि सोहनलाल ने अक्सर मजाक में कहा था कि “अंतिम यात्रा में मेरी अर्थी के आगे नाचना जरूर!” दोस्त की इस आखिरी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए अंबालाल ने शोक के माहौल में अपने आंसूओं को छुपाकर दिल से नाचा। उनका यह कृत्य दोस्ती की मिसाल बनकर viral हो गया|
आँखों में आंसू, मन में मुस्कान: गाँव में मिली अनोखी प्रतिक्रिया
जहाँ एक ओर अंतिम यात्रा में शरीक लोग दुखी थे, वहीं अंबालाल के नृत्य ने वहां एक अलग ही माहौल बना दिया। कुछ लोग हैरान रह गए, लेकिन जैसे ही उन्हें दोस्ती के इस अनूठे अंदाज के पीछे की भावना का पता चला, सभी भाव-विभोर हो गए। कई लोगों की आँखें नम हो गईं, तो कुछ मुस्कुराए भी। समाज में आमतौर पर ऐसे मौकों पर गमगीन माहौल होता है, मगर इस बार दो दोस्तों की दोस्ती ने उस परंपरा को मानवीय रंग दे दिया|
अंतिम इच्छा और समाज में चर्चा
सोहनलाल जैन के करीबी लोगों और परिवार ने भी अंबालाल की इस पहल को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि दोस्त की इच्छा का सम्मान करना ही असली दोस्ती है। अब गाँव में लोग इस घटना की चर्चा कर रहे हैं। कुछ ने कहा कि इससे पता चलता है, अंतिम यात्रा केवल शोक का अवसर नहीं, बल्कि जीवन के सुंदर रिश्तों को याद करने, मनाने और उनकी खुशियों को साझा करने का भी अवसर है।