NSDL stock price- निवेशकों को लिस्टिंग के पहले ही NSDL शेयर से बड़ा मुनाफा!

बुधवार की सुबह शेयर बाजार में जब नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के शेयर बीएसई पर सूचीबद्ध हुए, तो निवेशकों में गजब की हलचल देखी गई। एनएसडीएल का शेयर 880 रुपये पर लिस्ट हुआ—यह उस आईपीओ प्राइस 800 रुपये के मुकाबले 10% का शानदार प्रीमियम था। यह शुरुआत बाजार के भरोसे को दर्शाती है और एनएसडीएल को भारतीय डिपॉजिटरी सेवा जगत में नई पहचान दिलाती है।

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आईपीओ की रिकॉर्डतोड़ मांग: 41 गुना सब्सक्रिप्शन

एनएसडीएल के आईपीओ ने निवेशकों के बीच जबरदस्त प्रतिक्रिया दर्ज की। तीन दिन तक खुला यह पब्लिक इश्यू 41 गुना सब्सक्राइब हुआ। यानी उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 41 गुना अधिक मांग आई। खास बात यह रही कि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने 104 गुना मांग दिखाई, नॉन-इंस्टिट्यूशनल निवेशकों ने 35 गुना और रिटेल निवेशकों ने भी 8 गुना शेयरों के लिए बोली लगाई। इस विशाल उत्साह ने कंपनी की गहन निवेशक आस्था को साबित किया।

लिस्टिंग के साथ इतिहास रचने वाली दूसरी डिपॉजिटरी कंपनी

एनएसडीएल भारत की दूसरी ऐसी डिपॉजिटरी है, जो स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हुई है। इससे पहले सिर्फ सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेस लिमिटेड (CDSL) 2017 में लिस्ट हुई थी। इस लिस्टिंग के साथ एनएसडीएल ने करीब 17,600 करोड़ रुपये का मार्केट कैप हासिल किया—जो अकेले बीएसई पर ही हुआ, क्योंकि एनएसई खुद प्रमोटरों में से एक है।

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ग्रे मार्केट प्रीमियम और लिस्टिंग डे की हलचल

लिस्टिंग से पहले अनलिस्टेड मार्केट में एनएसडीएल का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 120-125 रुपये प्रति शेयर चल रहा था, जिससे अनुमान लगाया जा रहा था कि शेयर 15-16% प्रीमियम के साथ लिस्ट हो सकता है। हालांकि हकीकत में 10% का प्रीमियम ही दिखा, लेकिन फिर भी निवेशकों ने डेब्यू को सराहा। लिस्टिंग के बाद शेयर ने 920 रुपये का दिन का उच्चतम स्तर भी छूआ।

निवेशकों को मुनाफा और बाजार विशेषज्ञों की सलाह

जिन रिटेल निवेशकों को अलॉटमेंट मिला, उन्हें पहले ही ट्रेड में हर लॉट पर करीब 1,440 रुपये का तगड़ा फायदा हुआ। विशेषज्ञों ने दीर्घकालीन दृष्टि से स्टॉक को होल्ड करने की सलाह दी, क्योंकि एनएसडीएल अपने क्षेत्र में मजबूत स्थिति रखती है और भारत के पूंजी बाजार के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देती है। वहीं, नए खरीदारों को सुझाया गया कि बेहतर एंट्री के लिए कीमत में हल्की गिरावट का इंतजार कर सकते हैं।

आईपीओ ऑफर फॉर सेल: कंपनी को सीधे फंड नहीं मिला

एनएसडीएल का यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था। इसका अर्थ है कि कंपनी को कोई नया पूंजी निवेश नहीं मिला—सिर्फ पुराने शेयरधारकों ने अपने हिस्से बेचे। इससे कंपनी की शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में बदलाव नहीं आया, और ज़्यादातर शेयरिंग प्रमोटर (जैसे एनएसई) के पास ही रही।

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