शुक्रवार को पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखी गई। कंपनी के शेयर 15 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 824 रुपये के करीब आ गए। इसके पीछे वजह है कंपनी के एमडी और CEO गिरीश कौसगी का इस्तीफा देना। उनकी इस अहम निर्णय की खबर सामने आते ही बाजार में बेचैनी फैल गई और निवेशकों ने तेजी से शेयर बेचना शुरू कर दिया।http://UPI rule changes in India- UPI यूजर्स हो जाएँ अलर्ट! आज से बदल गये 7 नियम, सभी यूजर्स जागरूक रहें!
गिरीश कौसगी का इस्तीफा और कंपनी पर इसका असर
गिरीश कौसगी ने 30 जुलाई को इस्तीफा दिया, जो 28 अक्टूबर से प्रभावी होगा। वह कंपनी में तीन साल से नेतृत्व की भूमिका निभा रहे थे। उनका जाना कंपनी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इनके रहते कंपनी ने नए कारोबार में विस्तार किया और अपनी संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार किया था। इस्तीफे के कारण कंपनी के शेयरों में गिरावट आई है और निवेशक अस्थिरता महसूस कर रहे हैं।
शेयर बाजार में तेजी से गिरावट
कौसगी के इस्तीफे की खबर आने के बाद पब्लिक ने तेजी से अपने शेयर बेचने शुरू कर दिए। पांच दिनों में ये शेयर लगभग 18 प्रतिशत नीचे आ गए हैं। शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे तक शेयर 829 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे थे। वहीं निफ्टी में कोई खास गिरावट नहीं आई, जिससे स्पष्ट होता है कि इस गिरावट का सीधा असर सिर्फ इस कंपनी पर पड़ा है।
कंपनी का भरोसा: भविष्य में भी मजबूती बनी रहेगी
कंपनी ने आधिकारिक बयान में कहा है कि गिरीश कौसगी के इस्तीफे के बाद भी कंपनी की बिजनेस रणनीति और विकास की दिशा में कोई बदलाव नहीं आएगा। बोर्ड ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि कंपनी की टीम पूरी तरह तयार है और वह कंपनी को मजबूत बनाए रखने के लिए काम कर रही है। नए CEO की खोज जल्द शुरू हो जाएगी और इसके लिए पारदर्शिता पूर्ण प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
वित्तीय स्थिति: कंपनी का प्रदर्शन अच्छा बना हुआ है
फिलहाल कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अच्छा प्रदर्शन किया है। कुल आय 7,665 करोड़ रुपये तक पहुंची है, और कंपनी का नेट मुनाफा 1,936 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से बेहतर है। इसके अलावा तिमाही नतीजों में भी 23% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने 5 रुपये प्रति शेयर का लाभांश भी घोषित किया है, जिससे निवेशकों को लाभ मिला है।
भविष्य की योजनाएं
कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने बिजनेस मॉडल को और मजबूत बनाए रखने के लिए काम करेगी। नए क्षेत्र में विस्तार और वित्तीय उत्पादों के लॉन्च पर फोकस जारी रहेगा। बोर्ड जल्द ही नए CEO की नियुक्ति करेगा ताकि कंपनी फिर से तेजी से आगे बढ़ सके और निवेशकों का विश्वास बना रहे।