नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के 15वें प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 के आम चुनाव में उन्होंने दोबारा प्रधानमंत्री पद संभाला और अपना कार्यकाल जारी रखा। इंदिरा गांधी, जो देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं, उनका सबसे लंबा निरंतर कार्यकाल 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक था। मोदी ने इस रिकॉर्ड को पार कर अब तक 11 वर्ष से भी अधिक लगातार समय प्रधानमंत्री बने रहने का इतिहास रच दिया है। उनसे आगे केवल भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू हैं, जिन्होंने लगातार 17 साल प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया था।
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वैश्विक लोकप्रियता में बरकरार बढ़त
सिर्फ देश में ही नहीं, विदेशों में भी प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय जनमत सर्वेक्षणों में मोदी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में गिना गया है। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे अनेक देशों में किए गए गैलप व ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग्स ने मोदी के नेतृत्व को सकारात्मक सराहना दी है। उनकी विदेश यात्राओं, संयुक्त राष्ट्र में भाषणों और वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत पैरवी ने उन्हें विश्व मंच का बड़ा नेता बना दिया है।
विकास और नीति निर्माण में प्रभाव
मोदी सरकार का जोर आर्थिक विकास, आधारभूत ढांचे में सुधार, डिजिटल इंडिया, स्वच्छता अभियान और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभूतपूर्व अभियानों पर रहा है। वैश्विक कूटनीति में सक्रिय भूमिका, पड़ोसी देशों के साथ संबंधों का विस्तार, और कोरोना जैसी आपदा में निर्णायक फैसले ने उनकी छवि को और मजबूती दी है। देश के भीतर और बाहर लगातार लोकप्रियता इन पहलुओं से भी जुड़ी हुई है।
विशेषज्ञ और राजनीतिक विश्लेषकों की प्रतिक्रिया
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नरेंद्र मोदी का लगातार दूसरा सबसे लंबा प्रधानमंत्री कार्यकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार, उनकी नेतृत्व शैली, फैसलों की स्पष्टता और योजनाओं का व्यवहारिक क्रियान्वयन उन्हें विशिष्ट बनाता है। वहीं, विपक्षी दल व राजनीतिक आलोचक भी उनके रिकॉर्ड को मान्यता देते हैं, हालांकि नीतिगत असहमति अपनी जगह पर है।
जनता के बीच लोकप्रियता और जनाधार में मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता उनके जनसमर्थन में भी स्पष्ट दिखाई देती है। हालिया चुनावों, राज्यों में भाजपा की बेहतर परफॉर्मेंस और सोशल मीडिया पर फॉलोइंग ने यह दर्शा दिया है कि उनकी पकड़ आम लोगों में कितनी मजबूत है। जनता की अपेक्षाओं और भरोसे को वे लगातार जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं, जिसकी झलक उनकी सरकार की योजनाओं और नीतियों में नजर आती है।