भारत और रूस के बीच संबंध दशकों से बेहद मजबूत और भरोसेमंद रहे हैं। अब इन रिश्तों में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा शुक्रवार से शुरू होगा, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। यह मुलाकात 23वीं भारत-रूस शिखर वार्ता के रूप में होगी, जिसमें दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
पुतिन का औपचारिक स्वागत और कूटनीतिक संकेत
अधिकारियों के मुताबिक, पुतिन का स्वागत समारोह दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। यह न सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया है, बल्कि भारत और रूस के बीच पुराने भरोसे का प्रतीक भी है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के संकल्प को दोहराएंगे।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
इस शिखर वार्ता में रक्षा सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र, अंतरिक्ष अनुसंधान, व्यापार विस्तार और वैश्विक सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से रक्षा और तकनीकी सहयोग पर दोनों नेताओं के बीच विस्तृत बातचीत की संभावना जताई जा रही है। भारत रूस से रक्षा उपकरणों और तकनीकी सहायता में लंबे समय से साझेदार रहा है।
नई साझेदारी की उम्मीद
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब वैश्विक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। भारत अपनी विदेश नीति को ‘मल्टी-डायमेंशनल’ बना रहा है और रूस इस नीति में एक अहम साझेदार है। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और नए व्यापारिक प्रोजेक्ट्स पर भी दोनों देशों के बीच सहमति बन सकती है।



