Rahul Gandhi adopts children- राहुल गांधी ने पाक गोलाबारी से अनाथ हुए 22 बच्चों को गोद लेंगे !

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हाल ही में पाकिस्तान की ओर से की गई बेकसूर नागरिकों पर भारी गोलाबारी ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। इस त्रासदी के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पुंछ में पाकिस्तानी गोलाबारी से अनाथ हुए 22 बच्चों को ‘गोद लेने’ का बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने इन बच्चों की शिक्षा और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने की घोषणा की है। यह फैसला खासतौर पर उन परिवारों के लिए राहत की किरण बनकर आया है, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनों को खो दिया था।

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पुंछ में तबाही का मंजर

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा आतंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने जबर्दस्त गोलाबारी शुरू कर दी थी। पुंछ सहित सीमावर्ती कई गांवों में घर, धार्मिक स्थल और स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए। दर्जनों बेकसूर नागरिकों की जान गई, जिनमें कई मासूम बच्चे भी शामिल थे। मौत के इस दौर में 22 बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने अपने माता-पिता या परिवार के एकमात्र कमाने वाले को खो दिया।

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बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी का संकल्प

राहुल गांधी ने पुंछ के इन अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी उठाते हुए कहा कि इन सभी 22 बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च वे खुद सहन करेंगे। राहुल गांधी ने पुंछ दौरे के दौरान न सिर्फ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, बल्कि बच्चों का उत्साह भी बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को भरोसा दिलाया कि वे अपनी पढ़ाई जारी रखें और इस मुश्किल घड़ी में कभी हिम्मत न हारें। स्थानीय कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इन बच्चों को अच्छे स्कूलों में दाखिला दिलाने और उनकी हर आवश्यक जरूरत का ध्यान रखा जाएगा।

पुंछ में गोलाबारी – मानवीय त्रासदी के गवाह

पुंछ के ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन ने बताया कि गोलाबारी के दौरान कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों की तलाश में थे, जब अचानक पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में कई मासूमों की जान चली गई। जिले के एक शिक्षक ने याद किया कि कैसे कुछ परिवार अपने बच्चों को बचाने निकले थे, लेकिन खतरा उनके घर तक पहुंच गया।

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