कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा कर दिया। नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक के महादेवपुरा और गांधीनगर विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास एक लाख से अधिक फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जाने और पात्र मतदाताओं के हटाए जाने के पुख्ता सबूत हैं, जिससे कांग्रेस को अपेक्षित 16 लोकसभा सीटों के बजाय केवल 9 सीटें मिलीं।
चुनाव आयोग का तीखा पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत राहुल गांधी से अपात्र मतदाताओं के नाम, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर के साथ हलफनामा जमा करने की मांग की है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि राहुल गांधी अपने आरोपों को साबित नहीं कर पाते तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार को सीईओ से मिलकर दस्तावेज सौंपने के लिए बुलाया गया है।
विपक्ष की राजनीति और सियासी बयान
राहुल गांधी के दावों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस इसे जनता के समक्ष उठाने को बड़ा कदम मान रही है, जबकि बीजेपी ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को धमकाने का आरोप लगाया। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने सवाल किया कि जब राहुल गांधी के पास सबूत थे तो उन्होंने अदालत का रुख क्यों नहीं किया और चुनाव आयोग के पास पहले क्यों नहीं गए। पात्रा ने विपक्ष पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव आयोग ने बार-बार कांग्रेस नेताओं को सबूतों के साथ उपस्थित होने की सुविधा दी, लेकिन वे इसका लाभ नहीं उठाते।
हलफनामे पर विवाद, कांग्रेस का दूसरा पक्ष
चुनाव आयोग द्वारा शपथ पत्र मांगने की कार्रवाई पर कांग्रेस खेमे में नाराजगी भी दिखी। प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर गलती है तो चुनाव आयोग को जांच करनी चाहिए, जांच की जगह एफिडेविट साइन करने की मांग करना उचित नहीं है। उन्होंने पूछा कि सदन में दिए बयान से बड़ी कौन सी शपथ हो सकती है। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि फर्जी वोटर हटाना और मतदाता सूची को सही रखना आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन विपक्ष को यह काम करना पड़ रहा है। कांग्रेस की ओर से बार-बार डेटा देने के बावजूद चुनाव आयोग हलफनामा मांग रहा है।
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आरोपों की संवैधानिक लड़ाई
महाराष्ट्र चुनाव में भी कांग्रेस की ओर से वोटिंग में धांधली और संदिग्ध वोटरों की मौजूदगी को लेकर आरोप लगाए गए। राहुल गांधी का दावा था कि महाराष्ट्र में 40 लाख से अधिक संदिग्ध वोटर थे और चुनाव आयोग ने इन लोगों को बचाया। चुनाव आयोग का कहना है कि ऐसे गंभीर आरोपों के लिए राहुल गांधी को हलफनामा देना चाहिए और अगर उन्हें वास्तव में संदेह है तो कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए।