संसद में विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब विरोध प्रदर्शन तेज हुआ। विपक्षी सांसदों की आवाजाही और नारेबाजी के बीच सत्ताधारी पार्टी के सांसद गंभीर रूप से परेशान दिखे। स्थिति ऐसी बन गई कि केंद्रीय मंत्री बिट्टू और अमित शाह के खास सहयोगी रिजिजू समेत कई भाजपा सदस्य शाह के पास इकट्ठा हो गए, जिससे माहौल और गर्मा गया।http://Attack on Delhi CM Rekha Gupta- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बाल पकडे, थप्पड़ मारे, CM को कई जगह चोट
सांसदों के बीच हुई हल्की-फुल्की धक्का-मुक्की
विरोध के दौरान विपक्ष और सत्ता के सांसदों के बीच कुछ जगहों पर धक्का-मुक्की देखने को मिली। यह घटना संसद के भीतर हलचल पैदा कर दी, और सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। हालांकि यह धक्का-मुक्की पूरी तरह हिंसात्मक न होकर सीमित स्तर की थी, लेकिन इसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई, तीन हाउस मार्शल तैनात
संसद अध्यक्ष की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तीन हाउस मार्शलों को अमित शाह के चारों ओर तैनात किया गया। ये मार्शल सुरक्षा घेरा मुस्तैद तरीके से बनाए रख रहे थे ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोका जा सके। इस सुरक्षा कवच ने माहौल को कुछ हद तक नियंत्रित किया और स्थिति बिगड़ने से बचा ली।
केंद्रीय मंत्री बिट्टू का विरोध प्रदर्शन को लेकर बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने कहा कि संवाद से ही लोकतंत्र मजबूत होता है, लेकिन विपक्ष को शांति और संयम के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे सरकार के कामकाज में बाधा न डालें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सम्मान दें।