छत्तीसगढ़ के सुकमा और बस्तर जिलों में शुक्रवार देर रात सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस संयुक्त अभियान में सुरक्षाबलों ने 14 नक्सलियों को मार गिराया। मौके से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। यह इस वर्ष की सबसे बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई मानी जा रही है।
मुठभेड़ की शुरुआत जंगलों में हुई मुठभेड़ से
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ की शुरुआत सुकमा-बस्तर की सीमा पर स्थित घने जंगलों में हुई। विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप), सीआरपीएफ और कोबरा कमांडो की संयुक्त टीम ने शुक्रवार सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। दोपहर होते-होते नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके बाद घंटों तक दोनों ओर से फायरिंग चली।
बरामद हथियार और सामग्री से नक्सली कैंप का खुलासा
घटनास्थल से सुरक्षाबलों को एके-47 राइफल, इंसास गन, देशी बम, विस्फोटक सामग्री और बड़ी मात्रा में नक्सली साहित्य मिला है। यह संकेत देता है कि मुठभेड़ के दौरान सक्रिय नक्सली किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। बरामद सामग्री को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है।
घायल जवानों का इलाज जारी, ऑपरेशन अब भी जारी
मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के दो जवान घायल हुए हैं, जिन्हें हेलिकॉप्टर से रायपुर एयरलिफ्ट कर उपचार के लिए भेजा गया है। अधिकारी बताते हैं कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है, क्योंकि कुछ नक्सली अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले।



