अमेरिकी अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों अधिनियम (IEEPA) के इस्तेमाल को गैर-कानूनी करार दिया है। इस फैसले के अनुसार ट्रंप ने अपनी सीमाओं का अतिक्रमण किया और इस कानून के तहत अनाधिकृत रूप से अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों पर व्यापक टैरिफ लगा दिए थे।
http://Safest Family Cars- फैमिली के लिए खरीद रहे है कार, तो इन 4 गाड़ियों को भी करें शामिल!
अमेरिका का ताकतवर कानून: IEEPA की भूमिका
सन् 1977 में पारित IEEPA अमेरिका के राष्ट्रपति को विशेष स्थितियों में विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आर्थिक लेन-देन को नियंत्रित करने का अधिकार देता है। परंपरागत रूप से इसका उपयोग संपत्ति को जब्त करने, आर्थिक प्रतिबंध लगाने, और विदेशी संगठनों की संपत्तियों की फ्रीजिंग के लिए किया गया है। 9/11 के बाद यह कानून आतंकवादी संगठनों की संपत्तियां जब्त करने के लिए भी इस्तेमाल हुआ था, जिससे अमेरिकी सरकार को आपातकालीन कार्रवाई करने का अधिकार मिला।http://Bank of Baroda home loan- बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने सस्ते किये होम लोन और कार लोन, जानिए अब रेट?
टैरिफ लगाने के अधिकार पर विवाद
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि IEEPA के अंतर्गत राष्ट्रपति को टैरिफ, शुल्क या कर लगाने का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। ट्रंप ने चीन, कनाडा और मैक्सिको समेत कई देशों के उत्पादों पर टैरिफ लगा दिए थे, जिसे अदालत ने अपनी सीमा का अतिक्रमण माना है। जजों के बहुमत का फैसला कि बड़े स्तर पर टैरिफ या आर्थिक प्रतिबंध के लिए राष्ट्रपति को कांग्रेस से मंजूरी लेनी होगी। हालांकि, कुछ जजों ने विरोध जताया और तर्क दिया कि आपातकालीन शक्तियों के तहत यह अनुमति मिलती है।