अमेरिका ने अपनी नागरिकता प्रक्रिया को और कड़क बना दिया है। नए नियमों के अनुसार, नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का पूरा चरित्र, उनके अतीत और सामाजिक व्यवहार को गहराई से जांचा जाएगा। विभिन्न सरकारी विभागों के माध्यम से किए जाने वाले इस चरित्र परीक्षण का मकसद देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है। यदि किसी भी व्यक्ति के चरित्र में कोई आपत्तिजनक या संदिग्ध पहलू पाए जाते हैं, तो उनका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।
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चरित्र परीक्षण के तहत आएगा व्यक्ति का सामाजिक और आपराधिक इतिहास
नए नियमों में आवेदनकर्ता के आपराधिक रिकॉर्ड, आर्थिक गतिविधियों, और सामाजिक व्यवहार सहित हर पहलू की जांच की जाएगी। इसमें एफबीआई जैसे जांच एजेंसियों से मिली रिपोर्ट, स्थानीय पुलिस और सरकारी अभिलेखों का भी अध्ययन शामिल होगा। इसके अलावा, ऑनलाइन और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी समीक्षा करने की संभावना जताई जा रही है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका में केवल वे ही नागरिक बनें जो देश के नियमों और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करते हों।
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आवेदन रद्द होने के बढ़ते जोखिम से बढ़ी चिंता
इन सख्त नियमों के चलते नागरिकता के इच्छुक आवेदकों में चिन्ता बढ़ गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि चरित्र परीक्षण के आधार पर आवेदन रद्द करना पहली बार इतना व्यापक और कठोर हुआ है। इससे कई वे व्यक्ति भी प्रभावित हो सकते हैं, जिनके खिलाफ कोई गंभीर आरोप नहीं हैं, लेकिन मामूली गलतफहमियां या अतीत के कारण उनका आवेदन खारिज हो सकता है। इसके अलावा, आवेदनदाताओं को अब और अधिक सावधानी बरतनी होगी ताकि सभी दस्तावेज और पृष्ठभूमि जांच पूरी तरह से साफ-सुथरी और विश्वसनीय हो।
अमेरिकी प्रशासन का दावा– सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाना लक्ष्य
अमेरिकी प्रशासन ने इन नई नीतियों को लागू करने का औचित्य सुरक्षा कारणों से जोड़ा है। देश में अप्रवासी मामलों और नागरिकता के दुरुपयोग को रोकने के लिए ये उपाय आवश्यक बताए जा रहे हैं। प्रवासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ये नियम केवल सही और ईमानदार आवेदकों को ही लाभ पहुंचाने के लिए हैं, ताकि देश की सुरक्षा और प्रशासनिक प्रणाली मजबूत बनी रहे। इसके साथ ही प्रक्रिया को पारदर्शी और कड़े दुरुपयोग विरोधी बनाया जाएगा।