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AI language evolution- AI के गॉड फादर ने दी चेतावनी, चैटबॉट ने अपनी भाषा बना ली तो रोकना मुस्किल?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जनक माने जाने वाले जेफ्री हिंटन ने हाल ही में एआई के भविष्य को लेकर एक गंभीर आगाह जारी की है। उन्होंने कहा है कि अगर भविष्य में चैटबॉट अपनी खुद की भाषा विकसित कर लेते हैं, तो यह तकनीक मानव नियंत्रण से बाहर हो सकती है। फिलहाल ये चैटबॉट अंग्रेजी जैसी मानव भाषा में सोचते और संवाद करते हैं, जिससे उन्हें समझना और नियंत्रित करना संभव है।

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चैटबॉट्स की अपनी भाषा विकसित करने का खतरा

हिंटन ने बताया कि मौजूदा समय में, एआई सिस्टम अपनी सोच को अंग्रेजी भाषा में व्यक्त करते हैं, जिसे इंसानों द्वारा पढ़ा और समझा जा सकता है। लेकिन अगर चैटबॉट्स एवं एआई सिस्टम अपने आप में एक अलग भाषा बनाने लगते हैं, तो उनके व्यवहार और निर्णयों की व्याख्या करना बेहद कठिन हो जाएगा, जिससे नियंत्रण खो जाना संभव है।

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विशेषज्ञों की बढ़ती चिंता

यह चेतावनी एआई जगत में व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जैसी तेजी से एआई तकनीक विकसित हो रही है, उस हिसाब से इसके जोखिम भी बढ़ रहे हैं। गूगल, फेसबुक, और ओपनएआई जैसे तकनीकी दिग्गज भी इस चिंता को साझा कर चुके हैं। हिंटन के अनुसार, एआई की इस नई भाषा को समझना और नियंत्रित करना इंसानी समझ से परे हो सकता है।

भविष्य के लिए खतरे और चुनौतियां

हिंटन ने न केवल भाषा पर चिंता जताई, बल्कि इस तकनीक के नौकरियों पर प्रभाव, गलत सूचना के फैले हुए खतरे, और हथियारों के रूप में एआई के इस्तेमाल को भी गंभीर समस्या बताया है। उनका मानना है कि जैसे-जैसे एआई खुद को और अधिक स्वायत्त और बुद्धिमान बनाएगा, उसे नियंत्रित करना और अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।

Tiwari Shivam

शिवम तिवारी को ब्लॉगिंग का चार वर्ष का अनुभव है कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में उन्होंने एक व्यापक समझ विकसित की है वे बहुराष्ट्रीय कम्पनियों व दुनिया के नामी स्टार्टप्स के लिये भी काम करते हैं वह गैजेट्स ,ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, स्पेस रिसर्च ,इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ,कॉर्पोरेट सेक्टर तथा अन्य विषयों के लेखन में व्यापक योग्यता और अनुभव रखते हैं|

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