उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अंकित सिंह परिहार नामक व्यक्ति ने खुद को मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर बताकर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को फोन किया। उसने अपने पद का झूठा दावा करते हुए डिप्टी सीएम को धमकाने और रौब झाड़ने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी जांच और नंबर ट्रेसिंग से उसकी पोल खुल गई।
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फर्जीवाड़े की योजना
पुलिस जांच में पता चला कि अंकित सिंह परिहार ने Truecaller ऐप पर मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर का नाम और फोटो इस्तेमाल करते हुए एक नकली प्रोफ़ाइल बना रखी थी। इससे कॉल रिसीव करने वाले को लगता था कि बात सच में मंत्री से हो रही है। इस चालाकी से वह पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी अफसरों को प्रभावित करने की कोशिश में लगा था।
पुलिस पर दबाव डालने का प्रयास
अंकित सिंह परिहार ने अपने भाई के खिलाफ दर्ज एक मामले में जांच अधिकारी को हटाने के लिए छापेमारी के प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने के उद्देश्य से कई बार कॉल की थीं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को उसने मंत्री का झूठा परिचय दिया था, जिसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस मामले की जांच करवाई।
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तकनीकी निगरानी और गिरफ्तारी
इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दो दिनों तक संदिग्ध कॉल्स मिलने के बाद तकनीकी निगरानी शुरू की गई, जिससे आरोपी की लोकेशन पता चली। अंकित सिंह परिहार को अंततः कलिवाह मंदिर इलाके से गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल से कई फर्जी पहचान पत्र, आधार कार्ड की फोटोकॉपी, और साइबर फ्रॉड से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
आपराधिक इतिहास और साइबर फ्रॉड के आरोप
जांच में यह भी पता चला कि परिहार का आपराधिक इतिहास रहा है। 2018-19 में उसने स्वयं की पुलिस उपनिरीक्षक की वर्दी में तस्वीरें इंस्टाग्राम पर डाली थीं, जिसके बाद ग्वालियर के महाराजपुर पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। साथ ही, उसके पास विभिन्न साइबर अपराधों में शामिल होने के प्रमाण भी मिले हैं।



