भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों में इन दिनों नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। आने वाले तीन से चार वर्षों में भारत सरकार अमेरिका से प्राकृतिक गैस, संचार उपकरण और सोने सहित अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की खरीद को बढ़ाने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन को सुनिश्चित किया जा सके और असंतुलन को कम किया जा सके।
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प्राकृतिक गैस की आयात में बड़ा फेरबदल
उर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने 2026 से अपने कुल एलपीजी (रसोई गैस) आयात का लगभग 10% अमेरिका से करने की योजना बनाई है। अभी तक भारत अपनी अधिकांश एलपीजी मध्य-पूर्वी देशों से आयात करता रहा है, लेकिन व्यापार विस्तार और आपूर्ति को विविध बनाने की रणनीति के तहत अब अमेरिका पर भी नजर है।
संचार उपकरणों और आईटी हार्डवेयर का व्यापार
संचार उपकरणों और आईटी हार्डवेयर की बात करें तो, हाल के वर्षों में अमेरिका ने भारत के व्यापारिक माहौल को लेकर कुछ आपत्तियाँ उठाई हैं, विशेषकर कुछ उत्पादों पर आयात प्रतिबंध और लाइसेंस की अनिवार्यता को लेकर। यह मुद्दा वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं का अहम हिस्सा है।
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सोने और बहुमूल्य धातुओं का आयात
भारत लंबे समय से सोने का सबसे बड़ा आयातक रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें गिरावट आई थी। हालांकि, व्यापार संतुलन साधने के लिए अब भारत अमेरिका से सोना, चांदी, प्लेटिनम और अनमोल पत्थरों का आयात बढ़ाने पर विचार कर रहा है। अमेरिका विश्व के प्रमुख सोने एवं चांदी उत्पादक देशों में शामिल है और भारत के लिए वहां से सीधे आयात आर्थिक दृष्टि से उपयोगी हो सकता है।