नए साल के पहले दिन देश के आम उपभोक्ताओं को झटका लगा है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर से बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों ने जनवरी के पहले दिन ही रसोई गैस के दामों में भारी इजाफा किया है, जिससे रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। आम परिवारों के साथ-साथ मध्यम वर्ग भी इसकी मार झेलने को मजबूर है।
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घरेलू एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा
नई दरों के अनुसार, गैर-सब्सिडी वाले 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 50 से 100 रुपये तक का इजाफा किया गया है। यह बढ़ोतरी देश के विभिन्न महानगरों में लागू हो गई है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में कीमतों में यह उछाल देखा गया है। वहीं, वाणिज्यिक सिलेंडरों के दाम भी 60 रुपये तक बढ़ गए हैं।
आम जनता पर बढ़े बोझ की प्रतिक्रिया
महंगाई से जूझ रही जनता एक बार फिर से सरकारी नीतियों पर सवाल उठा रही है। लोगों का कहना है कि हर महीने गैस, पेट्रोल और डीज़ल के दामों में उतार-चढ़ाव आम जीवन पर गहरा असर डाल रहा है। कामकाजी परिवारों के लिए अब रसोई का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। कई उपभोक्ताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है।
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सरकार और तेल कंपनियों की सफाई
तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और परिवहन लागत में बढ़ोतरी के कारण एलपीजी की कीमतें प्रभावित होती हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने कहा है कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत राहत जारी रहेगी। सरकार ने दावा किया कि सब्सिडी के जरिए उपभोक्ताओं को आर्थिक मदद दी जा रही है, हालांकि कई लोगों का कहना है कि यह राहत पर्याप्त नहीं है।



